केंट बेज़मोर: 'मैं सिर्फ डिफेंस जानता हूँ'

2012 के ड्राफ्ट में नहीं चुने गये, किंग्स के नये गार्ड ने बहुत जल्दी समझ लिया था कि अगर उनकी पहचान फ्लोर के दोनों सिरों पर खेल सकने वाले खिलाड़ी के रूप में बन गयी तो NBA में चुने जाना और करियर बनाना आसान हो जायेगा।

सभी 30 टीमों से उपेक्षित, केंट बेज़मोर को जुलाई 2012 में यूक्रेन में प्रोफेशनल बास्केटबॉल खेलने का निमंत्रण मिला। सच पूछिये तो यह यूक्रेन का वन-वे टिकट था और इसके बाद, उनकी तरह के खिलाड़ियों की बहुतायत को देखते हुए वॉरियर्स की टीम में शामिल होने की सम्भावना बहुत कम थी।

ऐसे में जब NBA में खेलने का उनका सपना अंतिम साँसें ले रहा था, उन्होंने समर लीग में अपनी उस विशेषता पर ज़ोर दिया जो उन्हें बिग लीग में खेलने के उत्सुक लास वेगास के सैकड़ों खिलाडियों से अलग साबित कर सकती थी।

डिफेंस, डिफेंस और अगर काम न चले तो और अधिक डिफेंस।

“बचपन से बड़े होते हुए मैं बस यही जानता था,” बेज़मोर कहते हैं। “मैं कभी किसी बड़े स्कोर बनाने वाली टीम में नहीं रहा। हाई स्कूल में हम एक रात में ज़्यादा से ज़्यादा 45 पॉइंट बनाते थे; कॉलेज में 60 से 65 स्कोर रहता। तो ज़्यादातर हम डिफेंसिव खेलते ताकि अन्य टीमों को रोक सकें। हर रात हमारा यही फोकस रहता। ऑफेंस पर तो हमारा ध्यान कभी जाता ही नहीं था। बस अच्छी तरह खेलो, बॉल को मूव करते रहो, और डिफेंसिव होकर गेम पर अपना प्रभाव डालो - मैंने यही सीखा।"

तो सिन सिटी में NBA के ऑडिशन के दौरान, बॉल-हैंडलर्स पर दबाव बनाने और उनकी लय तोड़ने को उन्होंने अपनी पहली और दूसरी प्राथमिकता बनाया। वे बार-बार सही समय पर सही जगह पहुँच जाते और वीक-साइड डिफेंडर के तौर पर पास पिक-अप करते या बास्केट बनने से रोकते। ऐसा करते हुए वे फ्लोर के कम ग्लैमरस छोर के खिलाडियों के बीच हीरे की तरह चमकते।

एक रात ऐसा लग रहा था जैसे 6 फुट 5 इंच का यह खिलाड़ी हर जगह मौजूद हो... उन्होंने 11 पॉइंट, 8 रिबाउंड, 2 स्टील और टीम-रिकॉर्ड 7 ब्लॉक्ड शॉट दर्ज कराये; और एक बार, उनके 13 पॉइंट, 4 बोर्ड और एक लास्ट-मिनट ड्रॉन चार्ज ने टीम को जीत दिलायी।

“मैं अपने सीने पर लोगो पहनने का अवसर पाकर ही ख़ुश था, भले ही वह समर लीग थी," वे बताते हैं। “ड्राफ्ट न होने कारण किसी टीम में शामिल हो पाना ही मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी।"

“मैं इस दुनिया के गैरी पेटंस, ब्रूस बोवेंस, शेन बैटियर्स, टोनी एलेंस को देखते हुए बड़ा हुआ था। ज़ाहिर है कि (सैक्रामेंटो में होना मेरे लिए गर्व की बात है) ... मैंने उन दिनों किंग्स को देखा था, देखा था कि डग क्रिस्टी किस तरह खेल को प्रभावित करते थे। वे लोग परवाह नहीं करते थे कि बॉल उनके हाथ में है या नहीं। वे समझते थे कि दूसरी टीम के अच्छे खिलाड़ी को रोकना और उनके लिए मुसीबतें खड़ी करना कितना ज़रूरी होता है।"


वॉरियर्स ने ओल्ड डोमिनियन यूनिवर्सिटी के इस पूर्व छात्र की प्रतिभा और डिफेंस संभावना को पहचान कर उन्हें अनुबंधित कर लिया। जल्द ही, उन्होंने जान लिया कि टीम में जगह बनाने के लिए उनका डिफेंस ही उनका तुरुप का पत्ता है। गेम के कुछ ही मिनटों में असरदार खेल और उनकी "डुइंग द डर्टी वर्क" की आदत उनकी माँग बनाये रखेगी।

“लीग में आने के बाद केंट ने अपने को एक अच्छा टू-वे प्लेयर साबित करने के लिए बहुत मेहनत की; ऐसा खिलाड़ी जो शॉट भी लगा सकता है और उच्च-स्तर का डिफेंडर भी है," वॉरियर्स में बेज़मोर के साथ दो सीजन के कुछ गेम्स खेल चुके किंग्स के फॉरवर्ड हैरिसन बार्न्स ने NBC स्पोर्ट्स कैलिफ़ोर्निया को बताया।

गोल्डन स्टेट वॉरियर्स में बेज़मोर से पहले कई गार्ड्स मौजूद थे, इसलिए रुकी के तौर पर 61 गेम्स में वे एक रात में केवल 4.4 मिनट ही खेल सके। इस दौरान, जब वे ओकलैंड और वॉरियर्स से संबद्ध सेंटा क्रूज़ की G-लीग के बीच आ-जा रहे थे, तब अपने खेल से ज़्यादा साइडलाइन पर अपने अति-उत्साही प्रदर्शन – “बेज़मोरिंग” – के लिए पहचाने जाते थे।

लेकिन इन छोटी टीमों में भी उन्होंने अपने खेल को गंभीरता से लिया - पाँच गेम्स में 21.6 पॉइंट, 7.6 रिबाउंड और 4.4 स्टील का औसत निकाला - और NBA कॉल-अप्स में मेन क्लब के साथ अभ्यास में भी बढ़िया खेले। जिन रातों में वे कोर्ट में नहीं होते थे उनके गेम की फ़िल्में ध्यान से देखते और सुपरस्टार खिलाड़ियों के साथ उस पर चर्चा करते।

“यह जग-ज़ाहिर था कि वे सर्वश्रेष्ठ थे और मुझे इसमें कोई संशय नहीं था कि वे क्यों सर्वश्रेष्ठ थे," बेज़मोर कहते हैं। “गोल्डन स्टेट में मेरे साथ खेलना शुरू करने वाले क्ले (थॉम्प्सन), स्टेफ (करी) और ड्रेमंड (ग्रीन) कितना आगे बढ़ गए हैं, उन्होंने कितनी मेहनत की है, छोटी-छोटी बातों पर कितना ध्यान दिया है और वे खेल से कितना प्यार करते हैं।"

वर्षों बाद, जब वे 2014-15 में 60 विजय हासिल करने वाली चार-ऑल-स्टार हॉक्स टीम के सदस्य के रूप में खेल रहे थे तब ये सारी शिक्षा बहुत काम आयी।

“हर रोज़ उनके आस-पास रहने, उन्हें खेलते देखने, और यह समझने कि आप चाहे कैसा भी महसूस कर रहे हों कोर्ट में जाकर अपना पूरा दम लगाकर खेलना है," वे कहते हैं। "कुल मिलाकर आपको यही करना होता है।"

अपने दूसरे सीजन के बीच में ओकलैंड से लॉस एंजेल्स जाने पर बेज़मोर को भरपूर खेलने का समय मिला और वे ऐसे खिलाड़ी बनकर उभरे जिसकी गोल्डन स्टेट के अधिकारियों को तलाश थी। वहाँ के छह सीज़न्स में उनका 15 पॉइंट, 5 रिबाउंड, 3 असिस्ट और 2 स्टील प्रति 36 मिनट का औसत साल-दर-साल एक सा बना रहा।

हालाँकि उनका शूटिंग प्रतिशत लीग के औसत जितना ही रहा, पर 6 फुट 5 इंच लम्बे विंग ने वह भूमिका अपनायी जिसके लिए वे सर्वथा उपयुक्त हैं - ओपन कार्नर थ्री और अपना विशिष्ट लॉकडाउन पेरीमीटर डिफेंस।

ESPN.com के अनुसार, 7 फुट के विंगस्पैन, फुर्तीले स्वभाव और विरोधी स्कोरर को छकाने और पासिंग लेन फलाँगने का हुनर रखने वाले बेज़मोर, 2019-20 में डिफेंसिव रियल प्लस/माइनस (1.53) में क्वालीफाई करने वाले 129 शूटिंग गार्ड्स में तेरहवें रैंक पर हैं। क्लीनिंग द ग्लास का कहना है कि पिछले पाँच सीज़न्स में से तीन में, अपनी पोज़ीशन के स्टील और ब्लॉक दोनों में उन्हें 90 वें परसेंटाइल पर या उससे ऊपर रखा गया है।

बेज़मोर ने करियर-बेस्ट लगातार 13 गेम्स में - जिसमें से 7 किंग्स के साथ हैं - कम-से-कम एक बार बॉल स्वीप की है। इनमें से चार गेम्स ऐसे हैं जिनमें दस या दस से अधिक स्टील भी शामिल हैं।

इस सीजन में, गार्ड्स के बीच केवल स्पर्स के डेरिक व्हाइट और सिक्सर्स के मैटीज़ थाइबुल के नाम ही बेज़मोर (6) से अधिक मल्टी-ब्लॉक गेम्स हैं। बेज़मोर को किसी बेख़बर विरोधी को चेज़ डाउन करके स्वॉट करने से ज़्यादा और कुछ पसंद नहीं है। अगर विरोधी उनके रहते आसान-सा डंक लगाने की सोच रहा है तो यह उसकी भूल ही साबित होगी।


कई बार, पारंपरिक आँकड़ों में उनका असली प्रभाव नज़र नहीं आता, जैसेकि तब, जब वे दोनों विंग्स पर नज़र गड़ाये हों और उन्हें स्कोर न करने दे रहे हों, या दो डिफ़ेंडर्स के बीच से किसी लूज़ बॉल को उड़ा ले जाने की फ़िराक़ में हों। NBA.com के अनुसार, इस सीजन में कम-से-कम 1,000 मिनट खेले सभी खिलाड़ियों में बेज़मोर, क्लिपर्स के ऑल-स्टार कॉही लियोनार्ड के साथ प्रति मिनट डिफ्लेक्शन के लिए (4.1) पाँचवे स्थान पर हैं और पाँच गार्ड्स को छोड़कर सबसे अधिक शॉट्स दर्ज करा चुके हैं।

बेज़मोर के फ्लोर पर रहते, पोर्टलैंड के डिफेंस ने प्रति 100 पज़ेशन 7.0 पॉइंट कम दिये, जोकि क्लीनिंग द ग्लास के अनुसार 93 वें परसेंटाइल पर है। साथ ही, उन्होंने अपने विरोधियों को 50.2 प्रतिशत सफल फील्ड गोल प्रतिशत (87 वें) पर सीमित रखा।

नंबर 26 ने अपनी फिल्म देखने की आदत बरक़रार रखी है और उनका कहना है कि इसी की वजह से उन्हें खिलाड़ियों की प्रवृत्तियों की अच्छी जानकारी मिली है। NBA.com के अनुसार जब खिलाड़ी उनके सामने खेलते हैं तो अपने सीजन के औसत से 2.9 प्रतिशत ख़राब शूटिंग करते हैं।
“इससे आप समझते हैं कि वह क्या है, उसे क्या पसंद है और आपका गेम प्लान क्या हो," वे कहते हैं। “आजकल कोच ज़ोरदार काम करते हैं और आपको विस्तृत गेम प्लान दे देते हैं और अगर आपको पता लग जाये कि आपका खिलाड़ी कहाँ रहने वाला है तो आप जान जाते हैं कि डिफेंस के लिए उसका कैसे इस्तेमाल करें और कैसे उसकी मुश्किलें बढ़ायें।"

अगर आपको जानना है कि बेज़मोर कितने घातक और निरंतर तंग करने वाले साबित हो सकते हैं – श्योर-टू पॉइंट बचाकर, लूज़ बॉल्स के लिए डाइव कर, और हार से बचने के प्लान तैयार कर – तो बस यही 15 सेकंड काफी हैं। इस दौरान, बेज़मोर एक ड्राइव को रिम तक पहुंचाते हैं, एक ऑफेंसिव रिबाउंड रोकते हैं, बॉल पहुँच से बाहर होना बचाते हैं और लपक लेते हैं, एक फ़ास्ट-ब्रेक शुरू करते हैं और बास्केट के पास एक टीम-मेट को देकर वाइड-ओपन डंक में सहायक होते हैं।

अपने पिछली टीमों की तरह, सैक्रामेंटो में भी उनसे अधिकांश स्कोरिंग की अपेक्षा नहीं की जायेगी, लेकिन लॉन्ग-रेंज से 34.9 प्रतिशत करियर शूटर बेज़मोर फ्लोर पर विविधता लायेंगे। किंग्स के साथ अपने सीजन में उन्होंने कैच-एंड-शूट थ्री-पॉइंटर्स में 36.7 प्रतिशत सफलता हासिल की है और 13 में से 5 (38.5 प्रतिशत) स्कोर किया है।

बेज़मोर ऑफेंस की ज़िम्मेदारी भी निभा सकते हैं, जहाँ सेकेंडरी प्लेमेकर के रूप में वे फ़ाउल लाइन से 80 प्रतिशत तक सफल हो सकते हैं। दो साल पहले, उनकी असिस्ट रेट ने उन्हें विंग्स के बीच 91 वें परसेंटाइल तक पहुँचा दिया था और अपने पिछले चार सीज़न्स में वे 74 वें परसेंटाइल या उससे भी बेहतर कर चुके हैं।




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वे अपने ऑफेंसिव खेल को बेहतर बनाने में लगे हैं, लेकिन अपनी भूमिका को भी अच्छी तरह समझते हैं कि जब जैसी ज़रूरत हो उसके अनुरूप खेलना है। हो सकता है कि उन्हें कम शॉट लगाने या टीम के बेहतर फायदे के लिए व्यक्तिगत आंकड़ों को ताक पर रख देने को कहा जाये।

“जब से मैं लीग में हूँ, तबसे खेल काफी बदल गया है," बेज़मोर कहते हैं। “ऑफेन्स की दृष्टि से यह खेल ऐसा हो गया है जहाँ आपको अपने लिए जगह बनानी है, बग़ैर बॉल के मूव करना है और इसी तरह की और बातें हैं। मैंने यह सब सीखने की कोशिश की है। मेरी कोशिश रहती है कि एक-दो बार बॉल को जाते देखूँ , पूरी शक्ति से खेलूँ, यहाँ-वहाँ एकाध ले-अप लूँ , ओपन थ्री लगाऊँ,और फ्री थ्रो लाइन तक पहुँचूँ। मैं इसे सीधा-सादा रखने की कोशिश करता हूँ।"

आठ वर्ष के अनुभवी खिलाड़ी अब अपनी मामूली शुरुआत के बारे में ज़्यादा बातें तो नहीं करते लेकिन कभी-कभी याद करते हैं कि वे कितने डरे हुए थे जब पूर्वी यूरोप से बुलावा आया था और कितना अपमानित महसूस किया था जब रेगुलर सीजन खेलने से पहले ESPN ने उन्हें 500 खिलाड़ियों में से 499 नंबर पर रखा था।

“अब वह धुँधली स्मृतियाँ हैं ... हर दिन कड़ी मेहनत का दिन है," उनका कहना है। "अब मेरी अलग तरह की जिम्मेदारियाँ हैं, मैं पति हूँ, पिता हूँ। हर दिन नया है। लेकिन जब कभी पीछे देखने का मौक़ा मिलता है, यह सोचकर दिल को ख़ुशी होती है कि मैं कितनी दूर आ गया हूँ।"

अपना दृष्टिकोण बदलने के लिए राज़ी होकर बेज़मोर ने अपने लिए ऐसे लम्बे और सफल करियर का निर्माण किया, जिसकी पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। आठ वर्षों के बाद भी वे भूले नहीं हैं कि उन्होंने कहाँ से शुरुआत की थी और अभी कितना और आगे जाना है।

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