साधारण शुरुआत ने कोरी ब्रूअर की कार्य शैली को सँवारा

देहाती मूल और प्रसन्न स्वभाव वाले किंग्स के फ़ॉरवर्ड को गर्व है कि वे हर संभव तरीके से अपनी टीम की मदद करते हैं।

प्लाईवुड के बैकबोर्ड पर स्थायी रूप से लगी धातु की रिम ने पिछले दो दशकों में न जाने कितनी गर्मी-सर्दी सहन की है और असंख्य गेम्स का साक्षी रहा है।

“यह अजर-अमर है," किंग्स के फॉरवर्ड कोरी ब्रूअर अपने दक्षिणी लहजे में, सदाबहार मुस्कान के साथ कहते हैं

“मेरा एक भाई है, जैसन, जो मुझसे पाँच साल बड़ा है। हम हर समय खेला करते थे। हमारे पास एडजस्टेबल गोल था, जिसे ऊपर-नीचे किया जा सकता था। हमने दो-तीन बार उसे तोड़ा होगा, तब मेरे डैड ने कहा, 'बस, बहुत हो गया।' और उन्होंने यह गोल बनवा दिया ... जो आज तक खड़ा है।"

नैशविल से कोई 35 मील दूर, छोटे से शहर पोर्टलैंड में अपने परिवार के खेतों में बिताये गये दिनों की बातें करते हुए उनकी आवाज़ में अपने पिता की कारीगरी पर गर्व और बचपन की भोली प्रसन्नता साफ़ झलकती है।

हर सुबह, सूर्योदय से पहले उठकर वे अपने पिता के साथ पास के तंबाकू के खेतों में जाते थे, जहाँ वे फ़सल काटने से लेकर ट्रैक्टर चलाने तक, कई ज़िम्मेदारियाँ निभाते थे। उनके पिता एलिस, जो 'पी वी' के नाम से अधिक जाने जाते थे, किसान होने के साथ-साथ पार्टटाइम ट्रैश कलेक्टर भी थे। वीक-एंड्स पर कोरी पास-पड़ोस का कूड़ा बटोरने में पिता की मदद करते थे।

खेती-बाड़ी का काम और घर की साफ-सफाई पूरी हो जाने के बाद, कोरी और जैसन देर रात तक अपने अहाते के मेकशिफ्ट कोर्ट में बास्केटबॉल खेलते रहते ।

6-फुट-9 इंच ऊँचे और लंबी बाँहों वाले कोरी, बहु-आयामी स्कोरर और डिफेंसिव स्टॉपर के रूप में स्कॉटी पिप्पिन की नक़ल करने की कोशिश करते। Rivals.com ने 2004 में उन्हें नंबर 31 का रैंक दिया था।

लोकल स्टैंडआउट कोरी, देश के किसी भी अन्य खिलाडी की तरह, बड़ी ही सहजता से बॉल को बास्केट तक पहुँचा सकते थे, लेकिन यह उनकी ज़बरदस्त ऊर्जा थी जिसने फर्स्ट डिवीज़न प्रोग्राम के स्काउट्स का ध्यान आकर्षित किया। मैक्डॉनल्ड के ऑल-अमेरिकन्स में से बहुत कम लोग थे, जो अपने आक्रामक आँकड़ों का मोह छोड़कर डिफेंस की कठिन ज़िम्मेदारियाँ सँभालने को तैयार थे। लेकिन कोरी ब्रूअर ने बहुत पहले समझ लिया था कि उनकी त्याग की प्रवृत्ति उन्हें दूसरे खिलाडियों से विशिष्ट बनाती है।

“मैं टीम को जीतने में मदद देने के लिए जो भी कर सकता हूँ, करता हूँ," वे कहते हैं। “लूज़ बॉल पर डाइव करना, चार्ज लेना, शॉट लगाना।"

उनके अनुशासन और कार्य शैली ने उन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ़ फ्लोरिडा में फुल स्कालरशिप दिलायी। अपने दूसरे वर्ष में ख़िताब जीतने के बाद ब्रूअर और उनके टीम-मेट्स ने सोचा कि वे NCAA की एलिजिबिलिटी बनाये रखने के लिए अभी एक वर्ष और NBA में नहीं खेलेंगे।

पहले ही राउंड में चुने जाने की संभावना वाले ब्रूअर के लिए यह सिर्फ बास्केटबॉल से संबंधित फैसला नहीं था। उस समय तक पी वी का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा था। NBA अनुबंध से मिले पैसों से वे, रईसी से नहीं, लेकिन आराम से रह सकते थे। लेकिन ऐसे फायदेमंद अनुबंधों और विज्ञापन के सौदों का उन पर कोई असर नहीं हुआ।

"मेरे पिता ने मुझसे कहा कि मैं अपने दिल की सुनूँ," कोरी ब्रूअर ने न्यू यॉर्क डेली न्यूज़ को बताया। "मेरे माता-पिता ने कहा कि मुझे उनके लिए NBA में जाने की कोई ज़रूरत नहीं। उन्हें उन पैसों की इतनी ज़्यादा ज़रूरत नहीं है और वे किसी तरह काम चला लेंगे।"

अपने माता-पिता की सहमति से कोरी ब्रूअर ने अपने दिल की बात मानी और गेन्सविल कैंपस में बने रहे। एक साल बाद उन्होंने गेटर्स को लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने में मदद की।

फाइनल फोर मोस्ट आउटस्टैंडिंग प्लेयर नामित किये जाने के बाद, 2007 में मिनेसोटा टिम्बरवूल्व्स ने उन्हें ओवरऑल नम्बर 7 ड्राफ्ट कर लिया। और इसके बाद उन्होंने एक छकाने वाले डिफेंडर और टीम को वरीयता देने वाले 'ग्लू गाई' के रूप में अपना स्थान बनाना शुरू कर दिया।

“जब मैं लीग में पहुँचा, तब समझ में आया कि उसमें बने रहने के लिए मुझे कुछ करना पड़ेगा," वे कहते हैं। "मुझे ब्रूस बोवेन टाइप के लोग पसंद हैं। वे उन कुछ लोगों में से एक हैं, जिन्हें मैं अपना आदर्श समझता हूँ।"

अपने पहले तीन सीजन में ब्रूअर को निराशा का सामना करना पड़ा - 2008-09 में टोर्न ACL की वजह से उन्होंने 15 के अलावा सारे गेम्स मिस किये - लेकिन उसके बाद सराहनीय उत्साह के साथ वापसी की - और अगले वर्ष एक भी गेम मिस किये बग़ैर, करियर के सबसे अधिक 13.0 पॉइंट बनाये।

लेकिन अपने दृढ निश्चय और सकारात्मक दृष्टिकोण के बावजूद उन्हें अपने आउटसाइड शॉट और हर दिन अच्छा खेल प्रदर्शन करने के लिए जूझना पड़ा। चौबीस वर्ष की उम्र में उनका करियर दोराहे पर था।

सीजन के बीच एक फेरबदल ने उन्हें न्यू यॉर्क पहुँचा दिया, लेकिन निक्स ने एक भी मिनट खिलाये बिना उन्हें अचानक बाहर कर दिया। पर ब्रूअर ज़्यादा समय ख़ाली नहीं रहे। दो ही दिन बाद उन्होंने मैवरिक्स के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किये। वे टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों का एहसान मानते हैं, जिन्होंने उन्हें NBA में खेलने के गुर सिखाये और टीम-भावना बनाये रखने का महत्त्व समझाया।

“दरअसल, उस साल ने लीग में बने रहने में मेरी मदद की," वे बताते हैं। “उन लोगों के साथ रहकर मैंने सीखा कि NBA खिलाड़ी कैसे होते हैं, कैसे काम करते हैं, और कैसे जीता जाता है। मैं शॉन मैरियन, जैसन टेरी, डर्क (नोवित्ज़की) और जैसन किड के साथ रहा। पेजा स्तोजाकोविक के भी। ये सब हॉल ऑफ़ फेमर्स हैं! सभी ऐसे खिलाड़ी हैं जो लम्बे समय तक टिके रहे और यह भी जानते थे कि कैसे जीतना है।"

हालाँकि ब्रूअर उस सीजन की चैंपियनशिप जीतने वाली डैलस की टीम के साथ भी थोड़ा-बहुत खेले, लेकिन यह थोड़ा-सा समय भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यहाँ सीखी "छोटी छोटी बातें" उन्हें अब तक याद हैं।

जिस लीग में खिलाड़ी का करियर औसतन पाँच वर्ष का होता है, वहीँ ब्रूअर अब तक 12 सीजन खेल चुके हैं, वह भी नौ अलग-अलग संगठनों के साथ।

उन्होंने चार टीमों के साथ 47 प्ले-ऑफ़ गेम्स खेले हैं। इनमें डेनवर शामिल है, जिसने 2012-13 में 57 गेम्स जीते और जहाँ वे छठें खिलाडी के रूप में बहुत सफल रहे। उन्होंने 2017-18 में ओक्लाहोमा सिटी थंडर की घायलों से भरी टीम में स्टार्टर की भूमिका बख़ूबी निभायी।

उनके थ्री-पॉइंट शॉट आते-जाते रहते हैं, लेकिन वे अपने आक्रमण की किसी भी कमी को अपने 6-फुट-9 लम्बे शरीर के हर इंच और कसरती बदन के हर आउंस का इस्तेमाल कर, पूरा कर देते हैं।

“(मेरी भूमिका) इस पर निर्भर है कि मैं किस टीम के लिए खेल रहा हूँ,” वे बताते हैं। “और उस टीम की ज़रूरत क्या है।”

उन्होंने लेब्रॉन जेम्स से जेम्स हार्डेन और रसल वेस्टब्रुक तक, सभी को रोककर रखा है और उन्हें टर्नओवर और ख़राब शॉट्स लगाने पर मजबूर किया है।

“आपको बस वहाँ जाना है और उन्हें कुछ ऐसा करने को मजबूर करना है, जो वे उस रात करना नहीं चाहते," वे कहते हैं।

उन्होंने 11 अप्रैल 2014 को, रॉकेट्स के ख़िलाफ़ करियर-हाई 51 पॉइंट बनाये, जो उनके औसत स्कोर (8.7) से 42 पॉइंट ज़्यादा थे और इस तरह अपनी टीम को एक महत्वपूर्ण जीत दिलायी।

“वह तो ऐसा था जैसे आप मिस कर ही नहीं सकते," वे याद करते हैं। “जब उस तरह का गेम हो तो बास्केटबॉल खेलने का मज़ा आता है।"

उनके इतने लम्बे समय तक सक्रिय रहने का कारण भी सर्वविदित है - पिछले सीजन तक लगातार 317 गेम खेलकर, ब्रूअर लीग के आयरन मैन बने हुए हैं - और उनकी सेवाओं की माँग बराबर बनी रहती है। तपती धूप में भुट्टे और तम्बाकू तोड़ने के दिनों से उन्होंने जो सबक सीखे और अपनाये हैं, उनकी जगह कोई दवा या टॉनिक कभी नहीं ले सकते।

“अगर आप टीम की जीतने में मदद कर सकते हैं," वे पूरे विश्वास से कहते हैं, “तो समझिये कि आप खेल सकते हैं।"

33 वर्ष की आयु में, वे ऐसे वरिष्ठ खिलाड़ी हैं, जिनके अनुभव की किंग्स टीम को आवश्यकता है। सिक्सर्स के साथ तीन सप्ताह बिताने के बाद, फरवरी में उन्हें 10 दिन के अनुबंध पर रखा गया था। और ब्रूअर ने अपनी नयी परिस्थितियों को समझने और अपने नये टीममेट्स के साथ परिचय बढ़ाने में ज़्यादा देर नहीं लगायी।

“मुझे गर्व है कि मैं दूसरों की मदद कर सकता हूँ और अच्छा टीम-मेट साबित हो सकता हूँ," वे कहते हैं। मैं बहुत सी टीमों में रहा हूँ, इसलिए जान गया हूँ कि टीम में कैसे फिट होना है।"

एक और बिना-गारंटी की डील पर राज़ी होने के कुछ ही दिनों बाद, प्रभावशाली रिज़र्व ने वॉरियर्स के ख़िलाफ़ 13 मिनट में 11 पॉइंट स्कोर किये, और 21 फरवरी को किंग्स में शामिल होने के बाद से, NBA.com के अनुसार प्लस माइनस (प्लस-फाइव) में टीम में पाँचवीं रैंक पर हैं।

नंबर 33 के फ्लोर पर रहते हुए, पासिंग लेन्स को बाधित करने और विरोधी गार्ड्स और फॉरवर्ड्स का डटकर सामना करने की वजह से किंग्स की रक्षा पंक्ति ने प्रति 100 पज़ेशन 4.1 पॉइंट कम दिये -- जो टीम की अब तक की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग है।

जहाँ तक बेहद तेज़ गति के साथ "लीकिंग आउट इन ट्रांजीशन" का सवाल है, ब्रूअर, NBA के कुछ गिने-चुने खिलाडियों में से एक हैं। इसमें उन्हें 1.26 पॉइंट प्रति पज़ेशन के साथ 79 परसेंटाइल पर रखा गया है।

जब किंग्स के साथ उनका दूसरा अनुबंध समाप्त हो रहा था तब अन्य टीमों ने भी उनके खेल में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन किंग्स के युवा चेहरों से भरे लॉकर-रूम और ठीक उन्हीं की शैली के तेज़ गति खेल ने उन्हें रोक लिया। उन्हें विश्वास हो चला है कि सैक्रामेंटो में आकर उनकी घुमक्कड़ी पर पूर्ण विराम लग जायेगा।

“इन युवाओं के साथ रहने में मज़ा आ रहा है," उन्होंने कहा। "मैं इनकी मदद कर सकता हूँ क्योंकि मैं जानता हूँ कि ये कितना अच्छा कर सकते हैं और कितना अच्छा करने जा रहे हैं।"

ब्रूअर NBA की वजह से चाहे किसी भी शहर को अपना घर कहते हों, लेकिन वे पोर्टलैंड की गलियों और वहाँ के खेतों में बीते अपने बचपन को कभी नहीं भूले हैं।

वह खेत जहाँ उन्होंने जीवन के अनेक ज़रूरी पाठ पढ़े, कच्ची ज़मीन का वह टुकड़ा जहाँ उनका पहला बास्केटबॉल हूप लगा है, कहीं नहीं जा रहे। डायबिटीज और ह्रदय रोग से लम्बे संघर्ष के बाद जब 2012 में पी वी का देहांत हो गया, तब विरासत में वह संपत्ति कोरी के पास आयी और उन्होंने उसे अपने ही परिवार में बनाये रखने की कसम खायी है।

अपने आदर्श व्यक्ति की मधुर यादें, खुद अपनी विनम्रता और हर कठिनाई में -चाहे वह कोर्ट में हो या उसके बाहर- कोई-न-कोई राह ढूँढ लेने की उनकी क्षमता ही है जो कभी उनकी सुन्दर मुस्कान को उनके होठों से अलग नहीं होने देती।

“मुझे बास्केटबॉल खेलने के पैसे मिलते हैं," ब्रूअर कहते हैं। "मैं हर वक़्त क्यों न मुस्कुराऊँ ?"

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